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Bihar News: बगहा में गोलगप्पा खाने के बाद करीब एक दर्जन लोगों की तबीयत बिगड़ी, फूड पॉइजनिंग की आशंका

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बगहा के रामनगर के भावल गांव में गोलगप्पा खाने के बाद करीब एक दर्जन लोगों की तबीयत बिगड़ी, कई मरीज अस्पताल में भर्ती, फूड पॉइजनिंग की आशंका।

11 सितंबर, Alam Ki Khabar। बगहा के रामनगर प्रखंड के भावल गांव में गोलगप्पा खाने के बाद करीब एक दर्जन लोगों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। अचानक कई लोगों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी सामने आने के बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में पहुंचाया।

बताया जा रहा है कि गांव में बीते दिन कई लोगों ने गोलगप्पा खाया था। इसके कुछ समय बाद अलग-अलग लोगों की तबीयत खराब होने लगी। एक साथ कई लोगों के बीमार पड़ने से गांव में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।

बीमार लोगों में 60 वर्षीय मधु देवी के अलावा जूही कुमारी, मयंक कुमार, हर्षित कुमार, दीपराज साह, खुशबू कुमारी, कृष्णा कुमार और नीतीश कुमार समेत अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं।

तबीयत बिगड़ने के बाद मरीजों को तत्काल रामनगर सीएचसी ले जाया गया। वहीं, कुछ लोगों को निजी अस्पतालों में भी भर्ती कर इलाज कराया जा रहा है। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों का उपचार शुरू किया गया।

रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी मिथिलेश कुमार के अनुसार, मरीजों में फूड पॉइजनिंग से जुड़े लक्षण पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज चल रहा है।

एक साथ कई लोगों के बीमार पड़ने के बाद अब इस बात की पड़ताल जरूरी हो गई है कि आखिर बीमारी की वजह क्या रही। गोलगप्पे में इस्तेमाल पानी, मसाले, आलू, चटनी और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से लेकर स्वच्छता तक कई पहलुओं की जांच की जरूरत है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की जांच और साफ-सफाई पर नियमित निगरानी जरूरी है, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।

फिलहाल मरीजों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। बीमारी के वास्तविक कारण की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।

संपादकीय

गर्मियों और उमस भरे मौसम में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। एक ही खाद्य सामग्री खाने के बाद कई लोगों के बीमार पड़ने की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग को ऐसे मामलों में केवल इलाज तक सीमित रहने के बजाय खाद्य पदार्थ के नमूने, पानी और इस्तेमाल की गई सामग्री की जांच भी करनी चाहिए। इससे बीमारी की वास्तविक वजह सामने आएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।

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